जब भारत हार के सबसे करीब था, तब एक बल्लेबाज ने मैच की कहानी बदल दी — 2022 में विराट कोहली और 2026 में तिलक वर्मा
जब भारत हार के सबसे करीब था…………..
CricketGatha · 25 अक्टूबर 2026 · 5 मिनट में पढ़ें
भारत 31/4
भारत 112/6
क्रिकेट में कुछ मुकाबले सिर्फ जीत या हार के लिए याद नहीं किए जाते। कुछ मैच इसलिए याद रहते हैं क्योंकि एक समय ऐसा लगता है कि भारत अब यह मुकाबला नहीं जीत सकता, लेकिन तभी कोई एक बल्लेबाज पूरी कहानी बदल देता है।
23 अक्टूबर 2022 को मेलबर्न में पाकिस्तान के खिलाफ विराट कोहली ने ऐसा ही किया था। चार साल बाद 24 अक्टूबर 2026 को न्यूजीलैंड के खिलाफ क्राइस्टचर्च में तिलक वर्मा ने लगभग वैसी ही कहानी दोहरा दी।
एक तरफ विराट कोहली थे, दूसरी तरफ तिलक वर्मा। दोनों मैचों में भारत मुश्किल में था, रन रेट लगातार बढ़ रहा था और जीत की उम्मीद कम होती जा रही थी। लेकिन दोनों मौकों पर एक बल्लेबाज ने दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।
2022 में पाकिस्तान के खिलाफ विराट कोहली का चमत्कार
23 अक्टूबर 2022 को भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप का मुकाबला मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया था।
पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 159/8 रन बनाए और भारत को 160 रन का लक्ष्य मिला।
लेकिन भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। केएल राहुल सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए और भारतीय टीम जल्दी ही मुश्किल में पहुंच गई।
ऐसे समय में विराट कोहली क्रीज पर मौजूद थे। उनके साथ हार्दिक पांड्या ने पारी संभालने की कोशिश की। दोनों ने मिलकर 113 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की और भारत को मैच में वापस लेकर आए।
लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं हुई थी।
यह ऐसा लक्ष्य था जिसे देखकर किसी भी टीम पर दबाव आ सकता था। लेकिन विराट ने हार नहीं मानी।
उन्होंने हारिस रऊफ के खिलाफ दो शानदार छक्के लगाए और आखिरी ओवर तक मैच को पहुंचा दिया। अंतिम गेंद पर रविचंद्रन अश्विन ने जीत के रन बनाए और भारत ने मुकाबला 4 विकेट से जीत लिया। विराट कोहली 53 गेंदों पर 82 रन बनाकर नाबाद रहे।
उस दिन विराट की पारी सिर्फ एक अर्धशतक नहीं थी। वह ऐसी पारी थी जिसने लाखों भारतीय क्रिकेट फैंस को यह विश्वास दिलाया कि मैच तब तक खत्म नहीं होता जब तक आखिरी गेंद नहीं हो जाती।
चार साल बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ फिर वही कहानी
अब तारीख थी 24 अक्टूबर 2026।
जगह थी क्राइस्टचर्च का हैगली ओवल।
सामने थी न्यूजीलैंड की टीम।
न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 180/5 रन बनाए, जिसमें ग्लेन फिलिप्स ने 70 और बेवन जैकब्स ने 58 रन बनाए। भारत को जीत के लिए 181 रन चाहिए थे।
भारत की शुरुआत अच्छी थी और स्कोर 40/0 था, लेकिन बीच के ओवरों में न्यूजीलैंड के स्पिनर मिचेल सैंटनर ने भारतीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया और 4 विकेट लिए।
भारत का स्कोर लगातार गिरता गया।
अब न्यूजीलैंड जीत के बेहद करीब दिखाई दे रहा था।
लेकिन क्रीज पर तिलक वर्मा मौजूद थे।
5 ओवर में 68 रन — क्या भारत यहां से जीत सकता था?
15वें ओवर के बाद भारत का स्कोर 113/6 था और तिलक सिर्फ 10 रन पर नाबाद थे।
भारत को 5 ओवर में 68 रन चाहिए थे, और हाथ में सिर्फ 4 विकेट थे।
ऐसी स्थिति में ज्यादातर बल्लेबाज जल्दबाजी में गलती कर सकते हैं। लेकिन तिलक ने पहले अपनी पारी को संभाला और सही समय का इंतजार किया।
फिर उन्होंने आखिरी ओवरों में ऐसा हमला किया कि मैच का पूरा रुख बदल गया।
तिलक वर्मा ने सिर्फ 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए। उनकी पारी में 6 चौके और 1 छक्का शामिल था। उन्होंने पहले नमन धीर (31 रन) के साथ छठे विकेट के लिए 42 रन जोड़े। दूसरी तरफ नितीश कुमार रेड्डी ने 13 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाए। तिलक और रेड्डी ने मिलकर सिर्फ 30 गेंदों में नाबाद 69 रन की साझेदारी कर भारत को जीत दिलाई।
भारत ने 19.5 ओवर में 181/6 बनाकर न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हरा दिया, और एक गेंद बाकी रहते जीत हासिल की। तिलक को 51* रन और 2 कैच के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।
2022 में कोहली, 2026 में तिलक — कहानी कितनी मिलती-जुलती है?
दोनों मैचों को एक साथ देखने पर कई दिलचस्प समानताएं दिखाई देती हैं।
| 2022: भारत vs पाकिस्तान | 2026: भारत vs न्यूजीलैंड |
|---|---|
| 23 अक्टूबर 2022 | 24 अक्टूबर 2026 |
| मेलबर्न | क्राइस्टचर्च |
| लक्ष्य: 160 रन | लक्ष्य: 181 रन |
| भारत: 31/4 | भारत: 112/6 |
| आखिरी 3 ओवर: 48 रन | 5 ओवर बाकी: 68 रन |
| विराट कोहली: 82* (53) | तिलक वर्मा: 51* (26) |
| हार्दिक पांड्या: 40 | नितीश कुमार रेड्डी: 26* |
| भारत 4 विकेट से जीता | भारत 4 विकेट से जीता |
2022 में भारत ने 160 रन का पीछा करते हुए 31/4 से वापसी की थी। 2026 में भारत 181 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 112/6 तक पहुंच चुका था। दोनों बार हालात भारत के खिलाफ दिखाई दे रहे थे।
विराट ने दिखाया था रास्ता, तिलक ने दिखाई नई कहानी
विराट कोहली और तिलक वर्मा की पारियों की परिस्थितियां बिल्कुल समान नहीं थीं। दोनों मैचों में लक्ष्य, पिच, गेंदबाज और मैच की स्थिति अलग थी।
लेकिन दोनों पारियों में एक चीज समान थी:
विराट ने 2022 में पाकिस्तान के खिलाफ पहले पारी को संभाला और फिर आखिरी ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी की।
तिलक ने भी न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले अपनी पारी को संभाला और फिर सही समय आने पर तेज बल्लेबाजी शुरू की।
यही टी20 क्रिकेट की खूबसूरती है।
कभी-कभी मैच जीतने के लिए शुरुआत से तेज बल्लेबाजी करना जरूरी नहीं होता। कई बार आपको आखिरी तक टिकना होता है और फिर सही गेंदों पर हमला करना होता है।
तिलक की पारी में एक खास बात क्या रही?
तिलक की पारी सिर्फ बड़े शॉट्स की कहानी नहीं थी।
बीच के ओवरों में सैंटनर के सामने रन बनाना आसान नहीं था और एक समय भारत के 5 विकेट सिर्फ 70 रन पर गिर चुके थे। न्यूजीलैंड की खराब फील्डिंग की वजह से भारत के कई बल्लेबाजों को जीवनदान भी मिला, जिसका फायदा भारत ने उठाया।
तिलक ने शुरुआत में स्थिति को समझा। नमन धीर के साथ उन्होंने रनिंग पर ध्यान दिया और पारी को आगे बढ़ाया। बाद में नितीश रेड्डी के साथ उन्होंने तेजी से रन बनाए।
रेड्डी के एक रन के बाद तिलक ने गैप में चौका लगाया और जीत की दूरी तेजी से घट गई। आखिरी ओवर में भारत को सिर्फ 11 रन चाहिए थे और भारत ने 19.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।
चार साल का अंतर, लेकिन वही भारतीय जज्बा
23 अक्टूबर 2022 और 24 अक्टूबर 2026 के बीच लगभग चार साल का अंतर है।
2022 में भारत के सामने पाकिस्तान था।
2026 में सामने न्यूजीलैंड था।
2022 में विराट कोहली ने भारतीय पारी को संभाला था।
2026 में तिलक वर्मा ने वही जिम्मेदारी उठाई।
यह कहना सही नहीं होगा कि दोनों पारियां बिल्कुल एक जैसी थीं। लेकिन दोनों मैचों की परिस्थितियों ने भारतीय क्रिकेट फैंस को एक पुरानी याद जरूर दिला दी।
जब मैच हाथ से निकलता हुआ दिखाई दे और कोई भारतीय बल्लेबाज आखिरी तक लड़ता रहे, तो क्रिकेट फैंस के लिए उससे ज्यादा रोमांचक कुछ नहीं हो सकता।
क्या 23-24 अक्टूबर भारत की यादगार जीतों की तारीख बन रही है?
यह सिर्फ एक दिलचस्प संयोग है, लेकिन क्रिकेट फैंस के लिए यह संयोग काफी खास है।
23 अक्टूबर 2022 को विराट कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ 82* रन की यादगार पारी खेली थी।
24 अक्टूबर 2026 को तिलक वर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 51* रन की मैच जिताऊ पारी खेली।
दोनों बार भारत 4 विकेट से जीता।
दोनों बार भारत मुश्किल स्थिति में था।
और दोनों बार एक बल्लेबाज ने आखिरी तक खड़े रहकर मैच की कहानी बदल दी।
शायद इसी वजह से क्रिकेट में एक बात बार-बार सच साबित होती है:
2022 में इस बात का चेहरा विराट कोहली थे।
2026 में उस कहानी का नया चेहरा तिलक वर्मा बने।
और भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए यह सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि उस पुराने भरोसे की नई याद है कि जब सब कुछ खत्म होता हुआ दिखाई दे, तब भी एक खिलाड़ी पूरी कहानी बदल सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दूसरे टी20 में मैन ऑफ द मैच कौन रहा?
तिलक वर्मा, नाबाद 51 रन (26 गेंद) और दो कैच के लिए।
भारत ने 112/6 से मैच कैसे जीता?
तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी ने 30 गेंदों में नाबाद 69 रन जोड़े। इससे पहले तिलक और नमन धीर ने छठे विकेट के लिए 42 रन जोड़े थे।
टी20 सीरीज का स्कोर क्या है?
भारत पांच मैचों की सीरीज में 2-0 से आगे है। तीसरा टी20 27 अक्टूबर को वेलिंगटन में है।